Kuch Ban Jaate Hain

Going through the channel ‘Hindi Kavita’ on YouTube today, I came across another gem. Credits again to Varun Grover. This was one of the poems he wanted to make into a song in the movie ‘Masaan’, but for some reason couldn’t. It is beautiful nevertheless. If somebody could find/give an english translation, that would be amazing.

Hindi Transcription:

Ignore the spelling mistakes, if any, this is my first time typing in Hindi 😛

तुम मिश्री की डली बन जाओ
मैं दूध बन जाता हूँ
तुम मुझमें घुल जाओ |

तुम ढाई साल की बच्ची बन जाओ
मैं मिश्री घुला दूध हूँ मीठा
मुझे एक साँस में पी जाओ |

अब मैं मैदान हूँ
तुम्हारे सामने दूर तक फैला हुआ |
मुझमें दौड़ो | मैं पहाड़ हूँ |
मेरे कंधों पर चढ़ो और फिसलो |
मैं सेमल का पेड़ हूँ
मुझे ज़ोर ज़ोर से झकझोरो और
मेरी रूई को हवा की तमाम परतों में
बादलों के छोटे छोटे टुकड़ो की तरह
उड़ जाने दो |

ऐसा करता हूँ की मैं
अखरोट बन जाता हूँ |
तुम उसे चुरा लो
और किसी कोने में छुपकर
चुपचाप उसे तोडो |

गेहूँ का दाना बन जाता हूँ मैं
तुम धूप बन जाओ
मिट्टी-हवा-पानी बन कर मुझे उगाओ
मेरे भीतर के रिक्त कोषों में
लुक्का छिप्पि खेलो
या कोपल होकर
मेरी किसी भी गाँठ से
कहीं से भी तुरंत फूट जाओ |

तुम अंधेरा बन जाओ
मैं बिल्ली बनकर दबे पावं चलूँगा चोरी चोरी |

क्यूँ ना ऐसा करें
की मैं चीनी मिट्टी का प्याला बन जाता हूँ
और तुम तश्तरी
और हम कहीं से गिर कर
एक साथ टूट जाते हैं सुबह सुबह |

या मैं गुब्बारा बनता हूँ
नीले रंग का |
तुम उसके भीतर की हवा बन कर फैलो
और बीच आकाश में मेरे साथ फुट जाओ |

या फिर ऐसा करते हैं
की हम कुछ और बन जाते हैं |

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